क्यों हमें किसी की तलाश होती है

क्यों हमें किसी की तलाश होती है, 
क्यों दिल को किसी की आस होती है
चाँद को देखो वोह भी तनहा है जबकि, 
उसकी चांदनी से रोज़ मुलाकात होती है

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