यादें काटती हैं ले-ले के नाम तेरा;

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा; 
यादें काटती हैं ले-ले के नाम तेरा; 
मुद्दत से बैठे हैं तेरे इंतज़ार में; 
कि आज आयेगा कोई पैगाम तेरा!

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