एक आरज़ू सी दिल मैं अक्सर छुपाये फिरता हूँ … लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप मार्च 17, 2015 एक आरज़ू सी दिल मैं अक्सर छुपाये फिरता हूँ … प्यार करता हूँ तुझ से , पर कहने से डरता हूँ … नाराज़ ना हो जाओ कहीं मेरी गुस्ताखी से तुम …. इसलिए खामोश रह कर भी ,तेरी धड़कन को सुना करता हूँ लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
चमक सूरज की नहीं मेरे किरदार की है, अक्टूबर 09, 2015 चमक सूरज की नहीं मेरे किरदार की है, खबर ये आसमाँ के अखबार की है, मैं चलूँ तो मेरे संग कारवाँ चले, बात गुरूर की नहीं, ऐतबार की है...!! और पढ़ें
रूठना मत मुझे मनाना नहीं आता मार्च 12, 2015 रूठना मत मुझे मनाना नहीं आता दूर मत जाना मुझे बुलाना नहीं आता तुम भूल जाओ तुम्हारी मर्ज़ी मगर मैं क्या करूं, मुझे तो भूल जाना भी नहीं आता... और पढ़ें
तेरा नज़रें झुका कर चलना, सितंबर 08, 2015 तेरा नज़रें झुका कर चलना, दिल को बे-सबर कर गया, ' तुझे देखते ही क्यूँ मुस्काते हैं लब मेरे... सबको खबर कर गया। और पढ़ें
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