संदेश

दिल की वादी से ख़िज़ाओं का अजब रिश्ता है,

दिल की वादी से ख़िज़ाओं का अजब रिश्ता है, फूल ताज़ा तेरी यादों के कहाँ तक रक्खूँ !! ख़ामोश रास्तों पे नई दास्ताँ लिखूँ, तन्हा चलूँ सफ़र में मगर कारवाँ लिखूँ !! ऊँचाईयों की नब्ज़ पे रख के मैं उंगलियाँ, तेरी हथेलियों पे कई आस्माँ लिखूँ..!!

न वफा का जिकर होगा,

न वफा का जिकर होगा, न वफा कि बात होगी, अब मोहब्बत जिससे भी होगी, . . . गेहूँ काटने के बाद होगी..!!

मुद्दत से तमन्ना हुई अफसाना न मिला ……

मुद्दत से तमन्ना हुई अफसाना न मिला …… हम खोजते रहे मगर ठिकाना न मिला ………….. लो आज फिर चली गई जिंदगी नजरो के सामने से …… और उसे कोई रुकने का बहाना न मिला

गर मेरी चाहतों के मुताबिक ज़माने की हर बात होती,

गर मेरी चाहतों के मुताबिक ज़माने की हर बात होती, तो बस मैं होता..तुम होती..और सारी रात बरसात होती !!

तुमने कहा था आँख भर के

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, अब आँख भर आती है, पर तुम नज़र नही आते...

में खफा नहीं हूँ जरा उसे बता देना

में खफा नहीं हूँ जरा उसे बता देना आता जाता रहे यहाँ इतना समझा देना ! में उसके गम में शरीक हूँ पर मेरा गम न उसे बता देना, जिन्दगी कागज की किश्ती सही, शक में न बहा देना !

दिल जित ले वो नजर हम भी रखते है,

दिल जित ले वो नजर हम भी रखते है, भीड़ में नजर आये वो असर हम भी रखते है, यु तो वादा किया है किसीसे मुस्कुराने का वरना आँखों में समंदर हम भी रखते है